Ananta Press Sahitya Ratna Award Committee को यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. नवीन चतुर्वेदी ‘बेवफा राज’ की विशिष्ट साहित्यिक कृति ‘जलता चंदन वन’ को Ananta Press Sahitya Ratna Award के लिए आधिकारिक रूप से नामांकित किया गया है।
यह नामांकन केवल एक पुस्तक का सम्मान नहीं, बल्कि उस साहित्यिक साधना, संवेदनशीलता और रचनात्मक अनुशासन की पहचान है, जिसके माध्यम से डॉ. नवीन चतुर्वेदी ने ग़ज़ल जैसी प्रतिष्ठित काव्य-विधा को सरल भाषा, प्रभावशाली कथ्य और विशिष्ट छंद-विधान के साथ पाठकों तक पहुँचाया है।
‘जलता चंदन वन’ — संवेदना, शिल्प और अभिव्यक्ति का अनूठा संगम
‘जलता चंदन वन’ डॉ. नवीन चतुर्वेदी का प्रथम प्रकाशित ग़ज़ल-संग्रह है, किंतु इसकी रचनात्मक परिपक्वता इसे किसी आरंभिक प्रयास तक सीमित नहीं रहने देती। संग्रह की विशेष पहचान इसकी वे ग़ज़लें हैं, जो सोलह मात्राओं की दोहा-बहर में रची गई हैं। यह संरचनात्मक अनुशासन अपने आप में पुस्तक को विशेष बनाता है।
इस संग्रह की सबसे बड़ी शक्ति इसकी भाषा की सहजता है। कवि ने गंभीर भावों और जीवन के विविध अनुभवों को जटिल शब्दावली में बाँधने के बजाय सरल एवं सीधी अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया है। यही कारण है कि इन ग़ज़लों में साहित्यिक गरिमा के साथ-साथ आत्मीयता भी बनी रहती है।
संग्रह की प्रत्येक ग़ज़ल अपनी अलग पहचान रखती है और अनेक शेर स्वतंत्र रूप से भी पाठक के मन में प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखते हैं। संवेदनशीलता, मानवीय अनुभव, जीवन की विडंबनाएँ, भावनात्मक संघर्ष और आत्मचिंतन जैसे तत्व पुस्तक में विभिन्न रूपों में सामने आते हैं।
‘जलता चंदन वन’ शीर्षक भी पुस्तक की साहित्यिक गहराई का परिचायक है। चंदन सामान्यतः शीतलता, सुगंध और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, जबकि ‘जलता’ शब्द पीड़ा, संघर्ष और अंतर्द्वंद्व का संकेत देता है। इन दो विपरीत प्रतीकों का मेल मानवीय जीवन की उसी सच्चाई को सामने लाता है, जहाँ व्यक्ति भीतर संघर्षों से गुजरते हुए भी अपने व्यक्तित्व की सुगंध और संवेदना को बनाए रखता है।
Award Committee ने क्यों चुना ‘जलता चंदन वन’?
Ananta Press Sahitya Ratna Award Committee द्वारा किसी कृति को नामांकन के लिए विचार करते समय उसकी साहित्यिक गुणवत्ता, मौलिकता, रचनात्मक दृष्टि, पाठकीय प्रभाव, भाषा, संदेश और साहित्य में योगदान जैसे अनेक पहलुओं को महत्व दिया जाता है।
‘जलता चंदन वन’ इन मानकों पर अपनी स्पष्ट पहचान स्थापित करता है।
विशेष रूप से सोलह मात्राओं की संरचना में रचित ग़ज़लों का व्यापक संग्रह डॉ. नवीन चतुर्वेदी के साहित्यिक अनुशासन और छंद की गहरी समझ को प्रदर्शित करता है। उपलब्ध लेखक-परिचय के अनुसार, यह कृति India Book of Records में 16 मात्राओं पर आधारित विशिष्ट पुस्तक के रूप में दर्ज होने की उपलब्धि से भी जुड़ी है, जो इसके प्रयोगात्मक और रचनात्मक महत्व को और अधिक उल्लेखनीय बनाती है।
पुस्तक की एक अन्य विशेषता यह है कि इसमें शिल्प और भाव के बीच संतुलन दिखाई देता है। तकनीकी संरचना के बावजूद अभिव्यक्ति बोझिल नहीं होती। पाठक को ऐसा नहीं लगता कि रचनाएँ केवल छंद की कसौटी पूरी करने के लिए लिखी गई हैं; इसके विपरीत, भाव स्वाभाविक रूप से आगे आते हैं और छंद उन्हें एक अनुशासित स्वरूप प्रदान करता है।
यही साहित्यिक संतुलन इस पुस्तक को Ananta Press Sahitya Ratna Award के नामांकन के योग्य बनाता है।
डॉ. नवीन चतुर्वेदी — विविध अनुभवों से निर्मित साहित्यिक यात्रा
6 सितंबर 1965 को श्री सुरेश चंद्र चतुर्वेदी और श्रीमती मिथिलेश चतुर्वेदी के परिवार में जन्मे डॉ. नवीन चतुर्वेदी ‘बेवफा राज’ का रचनात्मक संसार केवल ग़ज़लों तक सीमित नहीं है। उनकी साहित्यिक अभिव्यक्ति में ग़ज़ल, गीत, दोहे, मुक्तक और कहानी जैसी विविध विधाएँ सम्मिलित हैं।
व्यवसाय प्रबंधन के क्षेत्र में लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कार्य करने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और अन्य बौद्धिक क्षेत्रों से अपना संबंध निरंतर बनाए रखा। वर्ष 2008 से 2020 तक दैनिक जागरण में ‘ज्योतिष उवाच’ कॉलम के माध्यम से पाठकों का मार्गदर्शन करना उनके व्यापक चिंतन और संवाद की क्षमता को दर्शाता है।
उनकी साहित्यिक प्रतिभा को विभिन्न संस्थाओं ने भी समय-समय पर सम्मानित किया है। उन्हें ‘काव्य दिवाकर’, ‘काव्य शिरोमणि’ और ‘गीत गौरव’ जैसे सम्मान प्राप्त हुए हैं। ‘जलता चंदन वन’ उनकी प्रथम प्रकाशित कृति है, जबकि उनका एक मुक्तक-संग्रह और एक गीत-संग्रह भी प्रकाशन की दिशा में अग्रसर हैं।
उनका रचनात्मक संसार वास्तव में संवेदना, अनुभव और अभिव्यक्ति की त्रिवेणी के रूप में दिखाई देता है।
साहित्यिक योगदान की एक महत्वपूर्ण पहचान
Ananta Press Sahitya Ratna Award का उद्देश्य ऐसी साहित्यिक प्रतिभाओं और कृतियों को सामने लाना है जो केवल प्रकाशित होने तक सीमित न रहें, बल्कि साहित्य में अपनी विशिष्ट पहचान, विचार और प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखती हों।
डॉ. नवीन चतुर्वेदी की ‘जलता चंदन वन’ इसी भावना का प्रतिनिधित्व करती है। यह पुस्तक पारंपरिक काव्य अनुशासन को समकालीन संवेदनाओं के साथ जोड़ती है और पाठकों को ऐसे शेर प्रदान करती है जिनमें भावनात्मक आत्मीयता के साथ विचार की गहराई भी मौजूद है।
Ananta Press परिवार एवं Sahitya Ratna Award Committee की ओर से डॉ. नवीन चतुर्वेदी ‘बेवफा राज’ को इस आधिकारिक नामांकन के लिए हार्दिक बधाई।
हम कामना करते हैं कि उनकी साहित्यिक यात्रा इसी प्रकार निरंतर आगे बढ़ती रहे, उनकी रचनाएँ नए पाठकों तक पहुँचती रहें और उनका लेखन हिंदी साहित्य में अपनी विशिष्ट सुगंध बनाए रखे।
‘जलता चंदन वन’ के Ananta Press Sahitya Ratna Award के लिए नामांकन पर डॉ. नवीन चतुर्वेदी को हमारी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ और उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।


