हिन्दी साहित्य की समृद्ध परंपरा सदैव उन रचनाकारों का स्वागत करती रही है जो अपने अनुभव, चिंतन और सामाजिक उत्तरदायित्व को शब्दों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अनन्ता प्रेस को यह घोषणा करते हुए अत्यंत हर्ष एवं गर्व का अनुभव हो रहा है कि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा की नवीन निबंध कृति “अमृतत्व की खोज” को अनन्ता प्रेस साहित्य रत्न अवॉर्ड हेतु आधिकारिक रूप से नामांकित किया गया है।
यह नामांकन केवल एक पुस्तक का सम्मान नहीं, बल्कि उस वैचारिक साधना, साहित्यिक प्रतिबद्धता और सामाजिक चेतना का अभिनंदन है जिसे डॉ. शर्मा ने अपने दीर्घ साहित्यिक जीवन में निरंतर विकसित किया है। हिन्दी-निबन्ध विधा में प्रकाशित यह कृति अपने विषय-विस्तार, भाषा की सहजता, चिंतन की गहराई और मानवीय मूल्यों के प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के कारण विशेष रूप से उल्लेखनीय बनती है।
“अमृतत्व की खोज” में संकलित 23 निबंध विविध शैलियों—भावात्मक, वर्णनात्मक, विवेचनात्मक, विचारात्मक, विवरणात्मक, विश्लेषणात्मक तथा समीक्षात्मक—का सुंदर और संतुलित समन्वय प्रस्तुत करते हैं। प्रत्येक निबंध जीवन, समाज, संस्कृति, राष्ट्र और मानवीय संवेदनाओं के किसी न किसी महत्वपूर्ण पक्ष को स्पर्श करता है। यही बहुआयामी दृष्टि इस कृति को केवल निबंधों का संग्रह न बनाकर एक विचार-यात्रा में परिवर्तित कर देती है।
इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी भाषा है। डॉ. शर्मा ने गूढ़ विषयों को भी अत्यंत सरल, सहज और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया है। चाहे “वैज्ञानिक दृष्टि से अमृत तत्व की खोज” जैसा चिंतनपरक निबंध हो, “सद्भावों का संदेश देती दीपावली” जैसा प्रेरणादायी लेख, “विलुप्त नदियों के पुनर्जीवन की उपादेयता” जैसा पर्यावरणीय सरोकार अथवा “राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का वैशिष्ट्य” जैसा राष्ट्रचेतना से ओतप्रोत विषय—हर निबंध पाठक को केवल जानकारी ही नहीं देता, बल्कि उसे आत्ममंथन के लिए भी प्रेरित करता है।
पुस्तक का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसमें भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय चेतना को परस्पर जोड़ते हुए संतुलित विमर्श प्रस्तुत किया गया है। लेखक ने परंपरा और आधुनिकता के बीच संवाद स्थापित करने का सफल प्रयास किया है। उनके लेखन में भावुकता के साथ तर्क, अनुभव के साथ अध्ययन तथा संस्कृति के साथ समकालीन दृष्टि का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। यही संतुलन इस कृति को विशिष्ट साहित्यिक पहचान प्रदान करता है।
अनन्ता प्रेस साहित्य रत्न अवॉर्ड उन कृतियों को समर्पित है जो साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और बौद्धिक जागरण का साधन बनाती हैं। पुरस्कार चयन समिति ने “अमृतत्व की खोज” का गहन अध्ययन करने के पश्चात यह अनुभव किया कि यह कृति अपने विचारों की मौलिकता, विषयों की विविधता, सामाजिक प्रासंगिकता और साहित्यिक गुणवत्ता के कारण इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए पूर्णतः उपयुक्त है।
डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा का व्यक्तित्व स्वयं में शिक्षा, साहित्य और समाजसेवा का प्रेरक संगम है। उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद में जन्मे डॉ. शर्मा ने एक आदर्श शिक्षक के रूप में अपनी पहचान स्थापित की और सेवानिवृत्ति के पश्चात भी शिक्षा के क्षेत्र से अपना संबंध बनाए रखा। उन्होंने अपने क्षेत्र में इंटर कॉलेज की स्थापना कर शिक्षा के प्रसार को नई दिशा दी। हिन्दी, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र में परास्नातक तथा हिन्दी में पीएचडी प्राप्त करने वाले डॉ. शर्मा ने अपने व्यापक अध्ययन और अनुभव को साहित्यिक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया है।
उनकी पूर्व प्रकाशित कृतियाँ—“गूंजते शब्द”, “पथरीली राहें”, “गगन में आवाज”, “फूल बने शूल”, “दस्तक” तथा “अमृतत्व की खोज”—उनकी सृजनशीलता और साहित्य के प्रति समर्पण का प्रमाण हैं। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्राप्त अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों, आकाशवाणी और दूरदर्शन से प्रसारित कार्यक्रमों, तथा राष्ट्रीय समाचार-पत्रों में नियमित प्रकाशित संपादकीय लेखों ने उन्हें हिन्दी साहित्य जगत का एक सम्मानित और विश्वसनीय हस्ताक्षर बनाया है।
विशेष रूप से यह उल्लेखनीय है कि डॉ. शर्मा के लेखन में वैज्ञानिक दृष्टि और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संतुलित समावेश दिखाई देता है। यही विशेषता “अमृतत्व की खोज” को समकालीन हिन्दी निबंध साहित्य में एक सार्थक और उपयोगी योगदान बनाती है। यह पुस्तक केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि विचार करने, आत्मचिंतन करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए भी प्रेरित करती है।
अनन्ता प्रेस पुरस्कार चयन समिति का विश्वास है कि यह कृति पाठकों के बीच गंभीर संवाद स्थापित करेगी तथा हिन्दी निबंध साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगी। साहित्य तभी सार्थक होता है जब वह पाठक के मन में प्रश्न जगाए, उसके विचारों को व्यापक बनाए और उसे बेहतर मनुष्य बनने की प्रेरणा दे। “अमृतत्व की खोज” इन सभी मानकों पर प्रभावशाली रूप से खरी उतरती है।
अनन्ता प्रेस परिवार की ओर से हम आदरणीय डॉ. चन्द्र प्रकाश शर्मा को अनन्ता प्रेस साहित्य रत्न अवॉर्ड हेतु आधिकारिक नामांकन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हैं। हमें विश्वास है कि आपकी यह उत्कृष्ट कृति हिन्दी साहित्य के पाठकों, शोधकर्ताओं और भावी पीढ़ियों के लिए समान रूप से प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
हम आपके उत्तम स्वास्थ्य, सतत सृजनशीलता और साहित्यिक यात्रा की निरंतर सफलता की मंगलकामना करते हैं। आपका लेखन हिन्दी भाषा और भारतीय साहित्य की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाता रहे तथा समाज को ज्ञान, संवेदना और सकारात्मक विचारों से आलोकित करता रहे—इसी शुभेच्छा के साथ पुनः हार्दिक बधाई।



